विनीत त्यागी ( रुड़की)
मदरहुड विश्वविद्यालय में NAAC के प्रत्यायन ढांचे पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन।
कार्यशाला विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और संस्थागत गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम - कुलपति नरेंद्र शर्मा
रुड़की। मदरहुड विश्वविद्यालय में ब्रेन स्टॉर्मिंग स्ट्रेटजीस फॉर इफेक्टिव NAAC एक्रेडिटेशन" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० डॉ० नरेंद्र शर्मा द्वारा किया गया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो० डॉ० अशोक कुमार, डायरेक्टर, श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेज, पूर्व रजिस्ट्रार एवं डायरेक्टर रिसर्च, सरदार वल्लभभाई पटेल यूनिवर्सिटी, मेरठ उपस्थित रहे। जिन्होंने NAAC एक्रेडिटेशन की आवश्यकताओं, विभिन्न क्राइटेरिया और उनकी महत्ता पर गहराई से प्रकाश डाला।
उन्होंने पाठ्यक्रम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि का दस्तावेजीकरण करने के महत्व पर जोर दिया। चूंकि प्रत्येक गतिविधि डेटा का स्रोत है और उन्होंने संकाय को सलाह दी कि वे किसी भी गतिविधि को अनदेखा न करें, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रियाओं और प्रारूप में किए गए हाल के बदलावों के बारे में प्रकाश डाला और प्रतिनिधियों को केवल वर्तमान शब्दावली का उपयोग करने की सलाह दी।
इस कार्यशाला में सभी विभागाध्यक्षों एवं विश्वविद्यालय के सभी संकायों के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत NAAC एक्रेडिटेशन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न रणनीतियों और कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा ने कहा की यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और संस्थागत गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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