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मदरहुड यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय युवा दिवस पर उत्साह का माहौल। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान

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मदरहुड यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय युवा दिवस पर उत्साह का माहौल। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान


रुड़की। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस को मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।



कार्यक्रम का शुभारंभ मदरहुड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता से हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के कुल 153 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में फैकल्टी ऑफ लीगल स्टडीज़ की सानिया, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन के आर्यन पालीवाल तथा फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर के देवांश शर्मा ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान फैकल्टी ऑफ साइंस की खुशी पुंडीर को मिला, जबकि तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों में जय (फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर), रमीज राजा (फैकल्टी ऑफ कॉमर्स), सोफिया परवीन एवं खुशी यादव (फैकल्टी ऑफ कंप्यूटर साइंस) तथा प्रिया (फैकल्टी ऑफ एजुकेशन) शामिल रहीं।



इसके पश्चात विश्वविद्यालय के डी-ब्लॉक स्थित सेमिनार हॉल में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विषय रहे— “आज के युवा समाज के लिए अधिक जिम्मेदार हैं या नहीं”, “भारत के आर्थिक विकास में युवाओं की भूमिका” तथा “सोशल मीडिया युवाओं के लिए लाभदायक है या हानिकारक”। इस प्रतियोगिता में फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की आराध्या ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अंजलि तोमर (बीएससी बीएड) द्वितीय और खुशी परमार एवं ओजस्वी कपूर (फैकल्टी ऑफ लीगल स्टडीज़) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।



इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “आज के युवा देश का भविष्य हैं। यदि युवा शक्ति को सही दिशा में मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं को सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास की प्रेरणा देते हैं। वहीं विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अजय गोपाल शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को अपने विचार व्यक्त करने और सीखने का एक बेहतर मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक का निर्माण भी है।



डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. कृष्णपाल चौहान ने छात्रों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनके कौशल को निखारने में सहायक होते हैं और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।



कार्यक्रम में विजेता प्रतिभागियों की घोषणा डॉ. बबिता सिंह एवं नीरज मालिक द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन विवेक कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. (डॉ.) जय शंकर प्रसाद श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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