हरिद्वार में स्वच्छता अभियान को लेकर प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट। कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर अब होगी सख्त कार्रवाई। नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को प्रतिदिन रिपोर्ट भेजने के निर्देश

हरिद्वार जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन लिए मुख्य विकास अधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित कर सभी अधिकारियों को जिसमें नगर निगम,नगर पालिका,नगर पंचायते,जिला पंचायत एवं खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के निस्तारण हेतु कि जा रही कार्यवाही के संबंध में पार्टी दिन की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं शिथिलता न बरती जाए तथा प्रतिदिन के रिपोर्ट स्वच्छता कंट्रोल रूम एवं जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नगर निकायों को दिए गए सख्त निर्देश

नगर निगम हरिद्वार एवं रुड़की सहित सभी नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था सुनिश्चित करने, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक संग्रहण, बंद कचरा परिवहन प्रणाली लागू करने तथा कचरा फेंकने के संवेदनशील स्थलों की पहचान कर स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विरासत अपशिष्ट डंपसाइटों के वैज्ञानिक उपचार, प्रत्येक वार्ड में आरआरआर

(रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल) केंद्र स्थापित करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी होगा सख्त अनुपालन
जिला पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजनाएं तैयार करने, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण लागू करने तथा खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक विकास खंड में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

विद्यालयों और सामाजिक संगठनों की भी होगी भागीदारी
मुख्य शिक्षा अधिकारी को सभी विद्यालयों में छात्र छात्राओं के माध्यम से स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं एवं प्लास्टिक मुक्त अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज कल्याण विभाग को जन-जागरूकता अभियान चलाने, वार्ड स्तरीय स्वच्छता समितियों के गठन में सहयोग देने तथा जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा गया है।

वन क्षेत्रों और पर्यावरणीय संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी
वन विभाग एवं उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वन क्षेत्रों, नदी तटों, राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमाओं तथा अन्य पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध कचरा डंपिंग रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकृत और अनधिकृत कचरा स्थलों का नियमित निरीक्षण कर फोटोग्राफिक साक्ष्य सहित रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को प्रस्तुत करने को कहा गया है।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता,मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी,जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, सहायक आयुक्त खाद्य महिमानंद जोशी, अधिशासी अभियंता विद्युत दीपक सैनी, जिला जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, डीओ पीआरडी प्रमोद चंद पांडे, सहायक निर्देशक मत्स्य विभाग गरिमा मिश्रा,मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरूंग,स्वजल चंद्रकांत मणि त्रिपाठी सहित जिला स्तरीय सम्बन्धित अधिकारी इव कर्मचारी मौजूद रहे।
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