हरिद्वार में नशे के खिलाफ चलेगा बड़ा अभियान, एनसीओआरडी समिति की बैठक में सख्त निर्देश, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रशासन का शिकंजा होगा और कड़ा

हरिद्वार: हरिद्वार में नशे के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई और जनजागरूकता दोनों पर जोर दिया है। जिला कार्यालय सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता की अध्यक्षता में एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद को नशा मुक्त बनाने की दिशा में कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग और जनजागरूकता अभियानों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत कई मामलों में कार्रवाई करते हुए स्मैक, चरस, गांजा और प्रतिबंधित दवाओं समेत विभिन्न मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। साथ ही अवैध तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।

बैठक में निर्देश दिए गए कि संभावित क्लैंडेस्टाइन लैब्स पर कड़ी नजर रखी जाए और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए औषधि निरीक्षक नियमित निरीक्षण और सघन चेकिंग अभियान चलाएं। इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने सीबीएसई, आईसीएसई सहित सभी विद्यालयों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं ग्राम पंचायतों, शहरी क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर भी "नशा मुक्त भारत अभियान" के तहत व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बैठक में एसपी ट्रैफिक निशा यादव, सीओ सदर संजय शर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह, एक्साइज इंस्पेक्टर दर्शन सिंह, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी दीपक कुमार, इंस्पेक्टर शांति कुमार गंगवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि जनपद हरिद्वार को नशा मुक्त बनाने के लिए कार्रवाई और जागरूकता अभियान दोनों को और तेज किया जाएगा।
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